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Jai Ho

गृह-कलह निवारण प्रयोग

गृह-कलह निवारण प्रयोग :-

ऐसे में कोई भी एक जन ( पति या पत्नी )..निम्न मंत्र का जाप करे , वातावरण मधुर बनेगा

मंत्र : धां धीं धूं धूर्जटेः पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी। क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवि शां शीं शूं मे शुभं कुरु

पूजन विधि :
१. भगवती दुर्गा का चित्र सामने हो , उस पर लाल पुष्प ( संभव हो तो गुड़हल का ) चढ़ाये |
२. मिश्री का भोग लगाये | धुप दीप करे |
३. गणपति ध्यान मंत्र पढ़े और उसके बाद इस मंत्र की विषम संख्या (१, ३, ५, यथा शक्ति – अधिकस्य अधिकम्) में माला जाप करे |
४. माला रुद्राक्ष या लाल चन्दन की हो , इसके अलावा कोई और नहीं |
५. जाप उपरान्त , दाहिने हाथ में थोड़ा जल लेकर भगवती के चरणो में समर्पित करे एवं उनसे मधुर वातावरण की कामना करे |
६ . यदि लड़की यह प्रयोग कर रही है तो पत्नी की जगह पति शब्द का उलेख़ करें

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