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Jai Ho

काली यंत्र Kali Yantra

मां काली की आराधना कैसे करें ?

जगत जननी माँ दुर्गा के अनेक स्वरूपों में से मां काली भी एक स्वरूप है। जिनको महाकाली के नाम से भी जाना जाता है, माँ काली का यह अवतार अत्यंत फलदायी और शुभ माना जाता है |

माँ काली के स्वरूप को देवी के सभी रूपों में सबसे शक्तिमान माना जाता है। काली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के काल शब्द से हुई है। हिन्दू शास्त्रों में मां काली को अहंकारी राक्षसों और दैत्यों के संहार के लिए जाना जाता है। सामान्यतः मां काली की आराधना सन्यासी और तांत्रिक करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि मां काली काल का संहार कर मोक्ष को प्रदान करती हैं। माँ काली अपने भक्तों और उपासकों की हर इच्छा पूर्ण करती हैं। मां काली के कुछ ऐसे विशेष मंत्र हैं जिनका जप कोई भी व्यक्ति दैनिक जीवन में संकट और अन्य बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए कर सकता है। माँ काली के मंत्र और जप से होने वाले फायदों के बारे में नीचे उल्लेख है |

यदि आप माँ काली की उपासना करना चाहते हैं तो माँ काली की तस्वीर और मूर्ति को एक साफ़ सुथरे आसन पर गंगाजल छिड़क कर विराजमान कर लें और रोली का तिलक लगा कर फूल आदि अर्पित करें | प्रतिमा के सामने आसन पर बैठकर प्रतिदिन माँ काली के मंत्र का 108 बार जाप करें और जाप करने के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार माँ काली को भोग लगाएं | मन की मुराद पूरी होने तक पाठ और जप करते रहें | यदि कोई विशेष मनोकामना पूरी करनी है तो सवा लाख, ढाई लाख, पांच लाख मंत्रो का जाप अपनी इच्छानुसार कर सकते हैं |

22 अक्षरी श्री दक्षिण काली मंत्र( Dakshin Kali Mantra in Hindi ):-

||ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा||

पूजा की शुरुआत में घर में देवी काली की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें. स्नान करके साफ कपड़े पहनकर मां की प्रतिमा के सामने दीप जलाएं. लाल गुड़हल के फूल समर्पित करें. इसके बाद आसन पर बैठकर

‘ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’

मंत्र का 108 बार जाप करें. मां को इस मौके पर भोग अर्पण करना भी जरूरी होता है !

काली यंत्र पूजा( Kali Yantra Pooja in Hindi)

काली माता का यह यंत्र( Kali Yantra in Hindi) एक ज्यामितीय प्रतीक है जो कि बाहरी दुनिया में मौजूद होने के साथ साथ मानव की आन्तरिक चेतना के साथ भी जुड़ा हुआ है | काली माता का यह यंत्र एक ज्यामितीय प्रतीक है जो कि बाहरी दुनिया में मौजूद होने के साथ साथ मानव की आन्तरिक चेतना के साथ भी जुड़ा हुआ है | माँ काली हिन्दू धर्म में समय और परिवर्तन की देवी हैं | उनके पास क्रिया शक्ति है जिसकी वजह से वो किसी भी समय किसी भी आत्मा मनुस्य की साँसे बंद कर सकती हैं |
तांत्रिक परंपरा के अनुसार, यंत्र के 36 कोनों माद्दा का सबसे मिनट अभिव्यक्ति के लिए 36 सिद्धांतों अधिकांश उत्कृष्ट से सृष्टि के (tattvas), प्रतिनिधित्व करते हैं। प्राचीन तांत्रिक मान्यताओं के अनुसार, काली यन्त्र के 36 कोने सृष्टि के 36 सिद्धांतों( तत्त्व ) का व्याख्यान करते हैं जिनमे अधिकाँश उत्कृष्ट से सृष्टि का प्रतिनिधित्व करते हैं |

इस यंत्र में जो केंद्र बिंदु है आत्मा को दर्शाती है जिसका आतंरिक जुड़ाव ब्रह्मा जी से है | इस बिंदु का माँ काली का स्वरुप माना जाता है संपूर्ण संसार माँ काली से ही उत्सर्जित हुआ है | तांत्रिक मान्यतों में माँ काली को आदि शक्ति कहा गया है जो शिवे जी जुड़ कर संसार के सृजन के लिए उत्तरदायी है |

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