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Jai Ho

शनि मंत्र Shani Mantra in Hindi

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष उपाय बताये गए हैं जिनको करने से शनि देव की वक्र दृष्टि से बचा जा सकता है और शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है | मान्यता है कि इंसान के उसके सभी कर्मों चाहे अच्छे हों अथवा बुरे, सबका फल शनि देव ही देते हैं, अतः ये ध्यान रखना आवश्यक है कि अच्छे कार्य करने के साथ साथ शनि देव को प्रसन्न रखना भी उतना ही आवश्यक है | ऐसा कहा जाता है जिस किसी पर शनि देव प्रसन्न होते हैं उसका कल्याण हो जाता है और सारे कष्ट दूर होते हैं | शनिदेव को प्रसन्न करने के विशेष उपाय इस प्रकार दिए गए हैं जिनको शनिवार को करना अति उत्तम होता है :-

1. शनिवार के दिन, शनिदेव के इन 10 नामों के साथ पूजन करना चाहिए :-

कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।

अर्थात:
1. कोणस्थ
2. पिंगल
3. बभ्रु
4. कृष्ण
5. रौद्रान्तक
6. यम,
7. सौरि,
8. शनैश्चर,
9. मंद
10. पिप्पलाद।
शनि देव के इन विशेष नामों के साथ इनको पूजने से सभी प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं और शनि देव की कृपा हमेशा बनी रहती है |

2. शनि देव का पूजन करते समय पीपल के वृक्ष की पूजा करना भी अति उत्तम होता है, भागवत में ऐसा वर्णन है कि पीपल का वृक्ष भगवान् श्री कृष्ण का रूप ही रूप होता है या यह कहा जा सकता है कि पीपल में श्री कृष्ण का बास होता है | इसीलिए बताया गया है कि शनि दोषों के निवारण के लिए पीपल की पूजा इस प्रकार करें

प्रातः काल स्नान आदि के पश्चात धुले हुए शुद्ध सफ़ेद वस्त्र धारण करें, पीपल के वृक्ष की जड़ में चन्दन, चावल, केसर, फूल और दूध मिला हुआ जल जिसमे गंगाजल भी हो, श्रद्धापूर्वक अर्पित करें | उसके बाद एक दीपक लेकर उसमे सरसों का तेल, लोहे की एक कील, काले तिल डालकर जलाएं और उसको पीपल की जड़ में रख दें और बताये गए मंत्रों का जाप करें-

शनि जाप मंत्र ( Shani Jaap Mantra in Hindi) :

आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्।
देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।।
विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम:।

मंत्रों का जाप करते करते पीपल की परिक्रमा करें, अब दीप, धूप सहित आरती करें | जो जल पीपल पर चढ़ाया था उसमे से कुछ जल घर लाकर छिड़काव कर लें, इस प्रकार करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं |

3. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए एक उपाय यह भी है कि शनिवार के दिन पूजा से एक दिन पहले शुक्रवार को तीन अलग-अलग बर्तनों में सवा-सवा किलो काले चना भिगो कर रख दें | अगले दिन शनिवार को स्नान आदि से निवृत्त होकर शुद्ध मन से शनिदेव का पूजन पूर्ण विधि-विधान से करें और भिगोये हुए चनों को सरसों के तेल में छोंक कर शनिदेव को इनका भोग लगाएं व अपनी सारी समस्याओं के समाधान के लिए उनसे याचना करें कि हे ! प्रभु हम पर कृपा करो अपनी सीधी नजर हम पर बनाये रखना | इसके उपरान्त पहले सवा किलो चने भैंस को खिलायें तथा दूसरा सवा किलो कुष्ठ से पीड़ित रोगियों को दे दें और तीसरा हिस्सा मछलियों को खिलाएं, इस उपाय को करने से शनि देव के क्रोध और उनके प्रकोप में कमी आ जाती है जिससे आपके सभी बिगड़े हुए काम बनने लग जाते हैं |

4. शनिवार के दिन पूर्ण विधि विधान से शनि यंत्र को अपने घर में स्थापित करके उसके समक्ष सरसो के तेल का दीया जलाएं तथा काला फूल या नीला फूल अर्पित करें | श्री यंत्र की इस प्रकार के पूजन से अतिशीघ्र लाभ होता है | घर में प्रतिष्ठित शनि यंत्र के सामने आसन पर बैठकर शनि देव के स्त्रोत का नियमित जाप करें अथवा शनि मंत्र ऊं शं शनैश्चराय नम: का जाप कर सकते हैं जिसके करने से व्यवसाय में भारी लाभ होता है |

लाभ:- आज के समय में हर दूसरे व्यक्ति की जिंदगी में कई प्रकार की समस्याएँ चलती रहती हैं जैसे कि झगडे, मुकद्दमा, कर्ज, व्यवसाय में घाटा, अशांति, गृह क्लेश और शारीरिक रोग मानसिक रोग आदि से पीड़ित व्यक्ति यदि अपने घर में पूर्ण मन लगन से श्री शनि यंत्र को स्थापित करता है तो शीघ्र ही इन सब समस्याओं से निजात मिल जाती है, व्यापार में लाभ मिलता है | इसीलिए शनि यंत्र खुशहाल जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी है |

5. प्रत्येक शनिवार के दिन प्रातः काल उठकर स्नान आदि के बाद कुश से निर्मित आसन पर बैठ कर और अपने सम्मुख शनि देव की तस्वीर या मूर्ति रख लें और उसके बाद पंचोपचार पूजन करें अब रुद्राक्ष कि माला लेकर के नीचे दिए गए किसी भी एक मंत्र का जाप 5 माला फेर के करें | जाप करते हुए शनि देव से शांति और सुख के लिए याचना करें | यदि कोई व्यक्ति इसी क्रम में हर शनिवार को विधि से शनि यंत्र का पूजन करता है तो उसको हर प्रकार से लाभ होगा |

शनि वैदिक मंत्र ( Shani Vaidik Mantra in Hindi ):

ऊं शं नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शं योरभिस्त्रवन्तु न:।
लघु मंत्र
ऊं ऐं ह्रीं श्रीशनैश्चराय नम:।

6. शनि देव के लिए शनिवार प्रमुख दिन है इसलिए शनिवार के दिन शनि देव का विधि पूर्वक पूजन करते हुए सरसों के तेल से अभिषेक करें जिसमे काले तिल भी डले हुए हों, अब पूर्ण मन से शनि देव के 108 नामों का ध्यान करें | इसी प्रकार से शनि देव के मंत्रों का जाप करने से शनि देव अपने भक्तों पर प्रसन्न होते हैं और उनके सारे संकट दूर होते हैं |

7. शनि देव की पूजा करने के उपरान्त कुष्ठ से पीड़ित रोगियों को खाना खिलाएं और साथ साथ जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराएं, इसके साथ कुछ दक्षिणा स्वरुप कुछ धन (रूपये) भी दे दें | जिसका लाभ आपको मिलेगा |

8. शनि देव का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए काले घोड़े की नाल अथवा नाव से निकली हुई कील से अंगूठी बनवा लें और उसको तिल के तेल में रख लें तथा शनिवार के दिन उस अंगूठी को मध्यमा उंगली ( बीच की उंगली) में धारण करें और शनि मंत्र का जाप 23000 बार करें इससे अनेकों प्रकार के लाभ होंगे |
प्रातः काल शनिवार के दिन कांसे के एक बर्तन में तिल का तेल भरकर उसमे अपना चेहरा देख कर डाकोत( सिक्का ) डाल कर दान करें | काले रंग के कपडे में काले उड़द, सवा किलो अनाज, 2 लडडू, कुछ फूल, फल, कोयला और लोहे की कील उसमे डाकोत डाल कर रख लें और शनिवार के दिन कुछ दक्षिणा के साथ किसी ऐसे व्यक्ति को जो शनि का दान लेता हो, को दान कर दें, ये उपाय आप किसी भी शनिवार को कर सकते हैं |

शनि स्तोंत्र

ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम |
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ||

शनि पीडाहर स्तोंत्र

सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: |
दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ||

शनि गायत्री मंत्र

ॐ शनैश्चराय विदमहे छायापुत्राय धीमहि |
तन्नो मंद: प्रचोदयात ||

शनि बीज मंत्र ( Shani Beej Mantra in Hindi ):

ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ||

साढ़ेसाती और ढैया में लाभ:- जिन व्यक्तियों पर ढैया और साढ़ेसाती चल रही हो उनको शनि देव मंत्र, शनि कवच, महाकाल शनि स्त्रोत और शनि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए ऐसा करने से मानसिक शांति और सुरक्षा कवच की प्राप्ति होती है और जीवन में कोई कठिनाई और बाधा नही आती |
नीचे दिए गए शनि देव के निम्न मंत्र का 21 दिन में 23 हजार बार जाप करें लाभ होगा –

ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।
शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।

पौराणिक शनि मंत्र :

ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं

टोटका: शनि देव की पूजा हेतु शनिवार को काली उड़द, काले तिल, सरसो का तेल, और गु़ड का लड्डू बना लें और उसको ऐसी जगह जहां हल न चला हो वहां पर दबा दें।
शनि देव के महामृत्युंजय मंत्र का सवा लाख बार जाप नित्य 10 माला, और इसको 125 दिन तक करें लाभ होगा-

ॐ त्र्यम्बकम्‌ यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्‌।

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