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Jai Ho

श्री यन्त्र Shree Yantra

श्री यंत्र (Shree Yantra in Hindi )

आज का युग भौतिक युग है जिसमे अनेक आवश्यकताएं होती हैं परन्तु धन इनमे मुख्य आवश्यकता है | जिसके पास धन संपत्ति है उस व्यक्ति की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं | धन से संपन्न व्यक्तियों की जीवन शैली से प्रभावित होकर साधारण व्यक्ति भी कामना करता है की उसके पास भी धन हो जिससे वह भी अपनी सारी इच्छायों की पूर्ती कर सके | इस प्रकार की स्तिथि में धन कमाने की इच्छा से कुछ व्यक्ति गलत रास्ता अपना लेते हैं और मुसीबत में फंस कर दुःख पाते हैं | जिसका परिणाम यह होता है की वास्तविक सुख से विमुख हो जाते हैं और रोग, तनाव, व मानसिक अशांति जैसी समस्याओं से ग्रस्त हो जाते हैं |

shree yantra

धर्म और भगवान में विश्वास रखने वाले व्यक्ति मेहनत और परिश्रम करते हैं और अपनी आर्थिक( धन ) स्तिथि को मजबूत बनाए रखने के लिए माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनके यंत्र अर्थात “श्री यंत्र” को अपने घर में स्थापित करते हैं और उसकी पूजा का उपाय अपनाकर जीवन में सारे भौतिक सुखों को भोगते हैं | श्री यंत्र के प्रभाव से उनको किसी भी तरह से धन का अभाव नही होता, ऐसे व्यक्तियों के सारे कार्य पूर्ण होते हैं | इसमें कोई भी संशय नही है कि श्री यंत्र धन प्राप्ति का एकमात्र और सरल उपाय है | माँ लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्री यंत्र का आसान पूजन बताया गया है जिसको अपना कर साधारण मनुष्य भी धन विशेष को प्राप्त कर सकता है |श्री यंत्र का पूजन करने से गरीब व्यक्ति भी समस्त सुखों को भोग सकता है |

श्री यंत्र को यंत्र शास्त्रों में सर्व शक्तिशाली यंत्र बताया गया है, यंत्र शास्त्रों के अनुसार, श्री यंत्र लक्ष्मी को आकर्षित करने वाला पूर्ण प्रभावी यंत्र है, श्री यंत्र को स्थापित करने से धन कि प्राप्ति होती है जिससे आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, धन से जुडी हुई किसी भी प्रकार की समस्या नही होती | आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति श्री यंत्र को घर में स्थापित करके उसकी पूजा मात्र से अनेकों सुखों का लाभ ले रहा है |

श्री यंत्र क्या है ?

श्री यंत्र धन लक्ष्मी का विशेष यंत्र है, यह यंत्र समस्त कष्टों का निवारण करने वाला है, श्री यंत्र सिद्धिदायक और सौभाग्य को देने वाला है | धन लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्री यंत्र की साधना कैसे की जाय यह भी बताया गया है |

श्री यंत्र की अद्भुत रचना की गयी है जिसमे पांच त्रिकोण के निचले हिस्से के ठीक ऊपर चार त्रिकोण को सम्मलित करके जिसमे 43 त्रिकोण हैं, उनसे होती है | दो कमलों के द्वारा इन त्रिकोणों को घेरा हुआ है जिसमे एक कमल अष्टदल का होता है तथा दूसरा बाहरी कमल षोडशदल का होता है | उन दोनों कमलों के बाहर की ओर 3 वृत्त हैं जिसके बाहर 3 चैरस होते हैं जिनको भूपुर भी कहा जाता है | श्री यंत्र की रचना सोने या ताँबे पर भी की जा सकती है |

श्री यंत्र पूजा विधि (Shree Yantra Pooja Vidhi in Hindi)

श्री यंत्र की पूजा करने के लिए शुक्रवार को अति उत्तम दिन माना गया है किन्तु यह पूजन प्रतिदिन भी किया जा सकता है | इस यंत्र को के पूजन से पहले कुछ तथ्यों को जानना अत्यंत आवश्यक है, इसकी पूजा साफ़ सफाई और पूर्ण शुद्धि के बाद की जानी चाहिए | श्री यंत्र का पूर्ण लाभ लेने के लिए तन और मन दोनों से पवित्र होकर पूर्ण मनोभाव से इसका पूजन करने से ही लाभ होता है |

प्रातः काल तन मन की शुद्धि के बाद, श्री यंत्र को लाल रंग के वस्त्र पर रख कर गंगा जल व दूध से पवित्र करके पंचामृत, दही, शहद, घी, आदि से अभिषेक करके तत्पश्चात घर के मंदिर में स्थापित करके लाल चन्दन, लाल फूल, अबीर, अक्षत, रोली, धूप, दीप आदि से इसकी पूजा करनी चाहिए | उसके बाद लाल चुनरी उढाकर इसकी आरती करें | इसके लिए लक्ष्मी मंत्र, दुर्गा सप्तशती का पाठ करें इसके बाद श्री यंत्र को मिठाई से भोग लगावें | इसी प्रकार से भक्ति भाव और लगन से नित्य श्री यंत्र की पूजा करें और अपने जीवन को सुखमय बनाये |

माँ लक्ष्मी का ध्यान करके धन, सुख, सौभाग्य और समृद्धि की कामना करते हुए समस्त इच्छाओं की पूर्ती हेतु श्री यंत्र का पूजन विधान किया जाता है | नवरात्रि के समय में श्री यंत्र का पूजन बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है | श्री यंत्र के पूजन से सुखी जीवन, धन से परिपूर्ण, व्यवसाय में अपार सफलता और पारिवारिक सुख शान्ति की प्राप्ति होती है |

श्री यंत्र की स्थापना (Placement of Shree Yantra)

किसी दिन का शुभ मुहूर्त दिखवा कर अथवा शुक्ल पक्ष में शुक्रवार के दिन श्री यंत्र को गंगा जल से पवित्र कर लें तथा माँ लक्ष्मी का आवाहन करते हुए “ओम श्रीं” मंत्र का जाप करके, अपने घर के मंदिर में स्थापित कर दें | इस मंत्र का जाप लगातार पांच दिन तक कम से कम 21 बार करना है. इसके उपरान्त ही श्री यंत्र सिद्ध होता है | और यदि किसी विद्वान् पंडित से श्री यंत्र को सिद्ध करा लिया जाय तो अति उत्तम होगा | अब श्री यंत्र के सिद्ध होने के बाद इसको अपने घर के मंदिर में या ऑफिस में या दुकान जहाँ आप चाहे रख सकते हैं | प्रतिदिन श्री यंत्र की पूजा करें, बताये गए मंत्रों का उच्चारण अवश्य करें जिससे असीम फल की प्राप्ति होगी | स्मरण रखने योग्य बात यह है कि श्री यंत्र की नित्य जितनी पूजा होगी उसका प्रभाव उतना गुना बढ़ेगा और सौभाग्य की प्राप्ति होगी |

श्री यंत्र मंत्र (Shri Yantra Mantra)

|| श्री महालक्ष्म्यै नमः||

|| श्री ह्रीं क्लीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः||

||श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः||

यंत्र शास्त्रों में लक्ष्मी जी के श्रीयंत्र को सर्वश्रेष्ठ बताया गया है | क्यों की श्री यंत्र की अधिष्ठात्री देवी स्वयं श्री धन लक्ष्मी जी हैं इसीलिए श्री यंत्र को विशेष लाभकारी और फलदायी यंत्र माना गया है |

श्री यंत्र का महत्व | Significance of Shri Yantra

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श्री यंत्र अनेकों प्रभावशाली मंत्रों से सिद्ध है तथा धन-संपत्ति प्रदान करता है.| दक्षिण भारत में विख्यात मंदिर तिरूपति बालाजी में भी श्री यंत्र को स्थापित किया गया है. श्रीयंत्र की विधि पूर्वक पूजा करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है व इसके नित्य पूजा पाठ और मंत्र साधना से श्रीयंत्र को क्रियाशील किया जाता है, श्रीयंत्र को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए दिवाली, नवरात्रों, शिवरात्रि, होली, आदि पर्व पर मंत्रों के उपयोग से इसको अभिमंत्रित तथा अधिक उर्जावान किया जाता है |

माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु श्रीयंत्र का पूजन अधिक प्रभावशाली होता है | श्री यंत्र के सामने प्रतिदिन दीप, धूप एवं मंत्रों का जाप करना चाहिए जिससे आपके घर में वैभव, सुख तथा सौभाग्य की वर्षा होगी |

1 Comment

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  1. Very nice

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